धामी सरकार अब कम अंतराल में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठकें करेगी। तीन साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुकी सरकार उन सभी प्रस्तावों पर तेजी से काम करना चाहती है, जो अवस्थापना कार्यों, औद्योगिक निवेश, खेती-बागवानी और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े हैं। इनमें से कई प्रस्तावों पर लंबे अंतराल में कैबिनेट बैठक होने से निर्णय नहीं हो पा रहे हैं।

इस व्यावहारिक दिक्कत को देखते हुए सीएम धामी ने सचिव मंत्रिपरिषद शैलेश बगौली को प्रस्तावों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कैबिनेट की बैठक एक निश्चित समयावधि में कराने के निर्देश दिए हैं। इसी का नतीजा है कि इस बार 28 मई को कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। सचिव बगौली ने कैबिनेट बैठक बुलाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने माना कि प्रस्तावों की संख्या ज्यादा होने की वजह से अब कम अंतराल में कैबिनेट की बैठकें होंगी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कुछ विभागों के प्रस्ताव कैबिनेट के लिए भेजे गए हैं, लेकिन पहले से कई प्रस्ताव विचाराधीन होने के कारण उन पर चर्चा नहीं हो पा रही है।

इस कारण बैठक में एक साथ बड़ी संख्या में प्रस्ताव आ रहे हैं। कैबिनेट मंत्री भी चाहते हैं कि उनके पास बैठक में आने वाले प्रस्तावों पर गहन चर्चा के लिए पर्याप्त समय हो। अधिक संख्या में होने की वजह से सभी प्रस्तावों पर गहनता के साथ चर्चा के लिए पूरा वक्त नहीं मिल पा रहा है। माना जा रहा है कि कम अंतराल में कैबिनेट की बैठकें होंगी तो उनमें प्रस्तावों की संख्या भी सीमित रहेगी, जिससे इन पर चर्चा करने के लिए पूरा समय होगा।

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