देहरादून। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, कैंची धाम और आगामी 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तराखंड एसडीआरएफ के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति देंगे।
यह प्रस्तुति नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटजी कांफ्रेंस के तहत दी जाएगी, जिसमें उत्तराखंड के अलावा महाराष्ट्र, नासिक और गोवा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी भाग लेंगे और भीड़ प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य देशभर में होने वाले बड़े धार्मिक आयोजनों में तकनीकी सहायता से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
उत्तराखंड हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं की मेज़बानी करता है। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कैंची धाम जैसे आयोजनों में भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे आयोजनों में सीमित स्थान, ट्रैफिक नियंत्रण, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चिकित्सा आपातकाल, मौसम की चुनौती और सड़क दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में किस प्रकार आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है, इस पर पूरी रिपोर्ट गृहमंत्री के समक्ष रखी जाएगी।
तकनीकी के माध्यम से बढ़ेगी सुरक्षा की मजबूती
सम्मेलन में फेस रिकग्निशन तकनीक, स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, आपदा प्रबंधन उपकरण, ड्रोन निगरानी और AI आधारित विश्लेषण पर आधारित योजनाओं को भी पेश किया जाएगा। साथ ही 2027 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड पुलिस की प्रारंभिक रणनीति भी साझा की जाएगी।
सम्मेलन में यह भी प्रस्ताव रखा जाएगा कि आने वाले वर्षों में होने वाले ऐसे बड़े आयोजनों में वीवीआईपी मूवमेंट और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी की जाए। इस दिशा में केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल और तकनीकी सहयोग पर भी चर्चा की जाएगी।
