देहरादून। बेटे जब सहारा बनने की बजाय अभिशाप बन जाएं, तो सिस्टम ही आखिरी आसरा बनता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया देहरादून में, जहां दो जवान बेटों के अपनी कैंसर पीड़ित मां और बुजुर्ग पिता को घर से बेदखल करने और शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों बेटों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विगत 10 नवंबर को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में गीता और उनके पति राजेश ने जिलाधिकारी के समक्ष रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाई। बुजुर्ग दंपती ने बताया कि उनके दोनों बेटे शराब पीकर घर आते हैं, गाली-गलौज करते हैं, मारपीट करते हैं और अब उन्हें घर से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। गीता पहले से कैंसर से पीड़ित हैं और बेटों की प्रताड़ना से परेशान होकर पति-पत्नी को किराए के मकान में शरण लेनी पड़ी।

डीएम सविन बंसल ने बुजुर्ग दंपती की पीड़ा सुनने के बाद तत्काल न्यायिक कार्रवाई का आदेश देते हुए दोनों बेटों को 25 नवंबर को डीएम न्यायालय में तलब किया है। डीएम ने कहा कि किसी को भी अपने माता-पिता को प्रताड़ित करने, उन्हें बेघर करने या मानसिक रूप से कष्ट पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे मामलों में प्रशासन कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा।

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