ऋषिकेश। बापूग्राम वनभूमि प्रकरण को लेकर चल रहे धरने में वक्ताओं ने कहा कि हजारों प्रभावितों के न्याय की लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक मजबूती से लड़ी जाएगी। कहा कि हजारों परिवार अपनी पहचान के लिए करीब डेढ़ महीने से सड़क पर बैठे हैं, लेकिन अब तक सरकार ने उनके पक्ष में कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया। उन्होंने सरकार से ऋषिकेश के प्रभावित वार्डों की वनभूमि को राजस्व क्षेत्र घोषित करने की मांग की।

वहीं शुक्रवार को बापूग्राम धरने में उत्तराखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व पूर्व विधायक मनोज रावत पहुंचे।धरने में पार्षद सचवीर भंडारी ने कहा कि बापूग्राम, सुमन विहार, शिवाजी नगर, बीस बीघा, मीरा नगर, बैराज मार्ग, मालवीय नगर, अमित ग्राम पूरब, अमित ग्राम पश्चिम व गीता नगर आदि वार्डों के लोग बीते 26 दिसंबर 2025 से शुरू की गई वन विभाग की कार्रवाई के बाद चैन से सो नहीं पा रहे हैं। कहा कि 15 हजार से ज्यादा परिवार कई दशकों से यहां रह रहे हैं। उन्हें अपने जीवन की जमा पूंजी से यहां भूमि खरीदी।

अब वन विभाग उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर अपनी नाकामी छिपाने में लगा है। यूकेडी नेता शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रभावित परिवारों की मांग को पूरा करने में जरा भी देरी नहीं करनी चाहिए। पूर्व पार्षद गुरविंदर सिंह ने कहा कि हजारों प्रभावित परिवारों ने ऐतिहासिक महारैली में अपनी ताकत दिखा दी है। कहा कि विधायक, सांसद द्वारा मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्रियों के साथ फोटो खिंचवाई जा रही है, लेकिन प्रभावित परिवारों को मिल कुछ नहीं रहा है।

कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने कहा कि अहिंसा व एकजुटता ही बापूग्राम आंदोलन की ताकत है। कहा कि संकट की घड़ी में हर किसी को प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। सभा का संचालन सुभाष सैनी ने किया। धरने में पार्षद मुस्कान चौैधरी, बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति के सह संयोजक रामकुमार भतालिये, अविनाश सेमल्टी, शिव प्रसाद कंडवाल, दिनेश व्यास, दीन दयाल शर्मा, कमल देव सेमल्टी व कई अन्य मौजूद रहे।

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