मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर उनके जोहड़ी, देहरादून स्थित आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने इस दौरान उनके परिजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को प्रदेश में ऑपरेशन प्रहार चलाकर अवांछित और हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
रोज की तरह सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी अपने तीन साथियों के साथ सुबह टहलने निकले थे। अपने आवास से थोड़ी दूरी पर पहुंचे तो सामने से दो तेज रफ्तार कारें आ रही थीं। दोनों कारों में सवार युवक एक-दूसरे पर फायरिंग कर रहे थे। इसी संघर्ष में एक गोली ब्रिगेडियर जोशी के सीने में लग गई। उनका न तो इस घटना से कोई लेनादेना था और न ही वे इन हुड़दंगी युवकों को जानते थे। परिजनों के अनुसार उन्होंने 62 वर्ष की उम्र तक सेना में नौकरी की। सेना के कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा बने। वे शारीरिक रूप से स्वस्थ थे।
उनके अंदर देश सेवा का जज्बा हमेशा देखा जा सकता था। यही कारण है कि उन्होंने अपने बेटे को नौसेना में भेजकर देश सेवा के संकल्प को और अधिक मजबूती दी लेकिन कुछ युवकों के आपसी विवाद ने उनकी जान ले ली। अब पुलिस ने जेन-जी क्लब सील कर दिया है, आरोपी इसी क्लब से पार्टी कर निकले थे, उनकी क्लब मालिक-कर्मियों से ही मारपीट हुई थी। ये क्लब पहले भी सील हो चुका है।
