केदारनाथ में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। वहीं यमुनोत्री धाम में दो दिन बाद बर्फबारी थमी। आज चटख धूप खिलने बाद यमुनोत्री धाम का अद्भुत नजारा देखने को मिला। उधर बदरीनाथ से औली तक क्षेत्र बर्फ से ढका है।
चमोली देवाल में मंगलवार की रात्रि से लगातार हो रही बारिश पर्यटन स्थल रूपकुंड, वेदनी बुग्याल, आली बुग्याल, बगजी बुग्याल, ब्रह्मताल, भीकलताल बर्फ से ढक गए हैं। लगातार हो रही बर्फबारी व सर्द हवा चलने से वेदनी आली- बुग्याल से 26 व भीकलताल- ब्रह्मताल रूट पर गए 23 पर्यटक बुधवार के शाम बेस कैंप लोहाजंग पहुंचे।
19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, गौरव उनियाल और प्रदीप उनियाल ने बताया कि लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण कार्यों में बाधा आ रही है। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर पाली गाड से फूलचट्टी के बीच कई स्थानों पर सड़क दलदल में तब्दील हो गई है, जिससे आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे लेकिन मौसम की प्रतिकूलता से यात्रा व्यवस्थाएं प्रभावित होने से दिक्कत बढ़ सकती है। फिलहाल हाईवे चौड़ीकरण, जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक सुधारीकरण, यमुनोत्री में रसोईघर, चेंजिंग रूम, अस्थाई पुलिया और रंग-रोगन जैसे कार्य जारी हैं।
बदरीनाथ से औली तक बर्फ, अप्रैल में भी जनवरी जैसी ठंड
बुधवार को चमोली जिले में सुबह से दिनभर बारिश और बर्फबारी होती रही। बदरीनाथ धाम से लेकर औली तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। वहीं निचले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से अप्रैल माह में भी जनवरी की ठंड का अहसास हो रहा है। बुधवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई और देर शाम तक होती रही। वहीं हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, बदरीनाथ धाम, नीती घाटी, औली सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। अप्रैल माह में बर्फबारी से औली पूरी तरह बर्फ से लकदक हो गई है। चारों तरफ चोटियां बर्फ से ढकी हैं। बारिश-बर्फबारी से जिले में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।
