हल्द्वानी । कुमाऊं का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले काठगोदाम रेलवे स्टेशन आने वाली लगभग सभी ट्रेनें आधुनिक हो गई हैं। रेलवे ने यहां से आने-जाने वाली शेष दो ट्रेनों को एलएचबी कोच युक्त कर दिया है। इसमें संपर्क क्रांति और रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं।

इसकी मंडल से स्वीकृति मिल गई है। जबकि काठगोदाम से नियमित चलने वाली अन्य ट्रेनें नए कोचों के साथ चल रही हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के आदेश अनुसार एक अगस्त से यह दोनों ट्रेनें भी नए एलएचबी कोच के साथ रवाना होंगी।

नियमित सात ट्रेनें करती हैं अप-डाउन
इज्जतनगर मंडल के काठगोदाम रेलवे स्टेशन से नियमित सात ट्रेनें अप-डाउन करती हैं, इससे रोजाना हजारों की संख्या में पयर्टक व यात्री आते हैं। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षित व आरामदायक सफर का लाभ देने के लिए रेलवे नए प्रयास कर रहा है।

इसके तहत ट्रेनों में लगे पुराने पारंपरिक कोचों को हटाकर आधुनिक व सुरक्षित एलएचबी (लिंके-हाफमैन-बुश) कोच लगाए जा रहे हैं। इससे ट्रेन की रफ्तार बढ़ने के साथ यात्रियों को तेज गति में भी झटके नहीं लगेंगे।

अब तक रेलवे बोर्ड ने काठगोदाम से आने-जाने वाली पांच ट्रेनों में
एलएचबी कोच लगा दिए हैं। वहीं गोरखपुर स्थित पूर्वोत्तर रेलवे से आए आदेश अनुसार दिल्ली से काठगोदाम आने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और जैसलमेर (राजस्थान) से वाया दिल्ली काठगोदाम आने वाली रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन में एलएचबी कोच लगने वाले हैं।

इससे आम यात्रियों को सस्ती दरों में अच्छी यातायात सेवा मिलेगी। मंडलीय वाणिज्य निरीक्षक सत्यवान ने बताया कि दोनों ट्रेनों में एलएचबी कोच लगने की जानकारी मिली है। इसका आदेश आ गया है। एक अगस्त से संपर्क क्रांति व रानीखेत एक्सप्रेस काठगोदाम स्टेशन से नए आधुनिक कोच के साथ यात्रा करेगी।

रानीखेत में दो व संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में कम होगा एक कोच
नई संरचना के तहत रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन में कुल 15 एलएचबी कोच लगाए जाएंगे, जबकि पहले 17 आइसीएफ कोच लगे थे। वहीं संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन में 15 नए कोच लगेंगे, जो पहले 16 पुराने कोच थे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार एलएचबी कोचों की लंबाई अधिक होती है।

वहीं शोर का स्तर आइसीएफ कोचों की तुलना में कम होता है। इनमें बायो-टायलेट और बेहतर वेंटिलेशन जैसी सुविधाएं भी होती हैं। इसके अलावा ट्रेन में जनरेटर सह लगेज यान, एलएसएलआरडी का और द्वितीय श्रेणी चेयर के नये कोच लगेंगे।

इन कोचों में एंटी क्लाइम्बिंग सुविधा है, जिससे दुर्घटना के समय डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते। जिससे यात्रियों की सुरक्षा मजबूत हुई है। साथ ही एलएचबी कोच 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति से चल सकते हैं।

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