देहरादून। गढ़ी कैंट स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट में सोमवार को आपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अभियान भारतीय सेना के साहस, शौर्य और सटीक रणनीति का प्रतीक है।
यह दुनिया को स्पष्ट संदेश है कि भारत की सुरक्षा और सम्मान पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई देश की मां बेटियों का सिंदूर उजाड़ेगा तो उसके खानदान के खानदान तबाह कर दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक सामरिक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। दुनिया की बड़ी घटनाओं में अब भारत के रुख का इंतजार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब वैश्विक मंच पर भारत की छवि एक कमजोर देश की बननी लगी थी, लेकिन आज भारत आत्मविश्वास और ताकत के साथ दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आपरेशन सिंदूर ने देश के आत्मनिर्भर रक्षा तंत्र की ताकत को दुनिया के सामने रखा है। स्वदेशी हथियारों और आधुनिक सैन्य क्षमता ने साबित कर दिया है कि भारत किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
एक समय था जब हमारे सैनिकों को अभाव में काम करना पड़ता था।पर पिछले एक दशक में सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण में अभूतपूर्व तेजी आई है और भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुछ लोग राजनीतिक विरोध में देशहित को भी नजरअंदाज करने लगते हैं, लेकिन देश की जनता सब समझती है और समय आने पर इसका करता जवाब भी देती है।
उन्होंने कहा कि सैनिकों के बीच आकर उन्हें परिवार जैसा अपनापन महसूस होता है और राज्य सरकार सैनिकों व पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के पराक्रम का गौरवपूर्ण अध्याय है। हमारी सेनाओं ने चार दिनों में दुश्मन को घुटनों पर ला दिया।
भारत कभी किसी की भूमि पर कब्जा करने की नीति में विश्वास नहीं करता, लेकिन देश की सुरक्षा और संप्रभुता पर हमला करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना भी जानता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जब पूरा देश ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ एकजुट होकर खड़ा होता है, तभी राष्ट्र मजबूत और अभेद्य बनता है। उन्होंने बताया कि देहरादून में निर्मित सैन्य धाम को जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा।
