चमोली: आपदाग्रस्त जोशीमठ के डेंजर जोन में भूधंसाव के कारण खतरा बने दो होटलों मलारी और माउंट व्यू के बहुमंजिला भवन गिराने का काम आज शुक्रवार से शुरू हो गया है।

गुरुवार को प्रशासन, होटल स्वामियों व स्थानीय निवासियों के बीच चली कई दौर की वार्ता के बाद होटल गिराने पर सहमति बन गई। होटल मलारी इन और माउंट व्यू को डिस्‍मेंटल (विघटित) किया जा रहा है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के दृष्टिगत जोशीमठ नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत स्थित सभी भवनों का टेक्निकल टीमों के माध्यम से सर्वेक्षण कार्य जारी है।

सीएम धामी और उमा भारती के बीच जोशीमठ भूधंसाव पर चर्चा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भेंट की। इस अवसर पर जोशीमठ के भूधंसाव क्षेत्र में प्रभावित परिवारों की सुरक्षा एवं क्षेत्र में सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्था पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जोशीमठ के भू धंसाव क्षेत्र में प्रभावित परिवारों को अंतरिम पैकेज दिया जा रहा है। अंतरिम पैकेज एवं पुनर्वास की दर निर्धारण करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। प्रभावित हितधारकों के हितों का पूरा ध्यान रखते हुए मुआवजा दिया जाएगा।

बहुमंजिला भवन गिराने को लेकर चल रहा गतिरोध हुआ दूर
इससे पहले गुरुवार को प्रशासन, होटल स्वामियों व स्थानीय निवासियों के बीच चली कई दौर की वार्ता के बाद होटल गिराने पर सहमति बन गई। इसके बाद होटल मलारी इन और माउंट व्यू को डिस्‍मेंटल (विघटित) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। देर शाम इस होटल की टंकी को हटाया गया।

उधर, बुधवार शाम जोशीमठ पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार सुबह से ही एक के बाद एक बैठकों का दौर शुरू कर दिया था। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, विज्ञानियों, सेना व आइटीबीपी के अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों से बात की। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को बाजार भाव से मुआवजा दिया जाएगा।

जोशीमठ में पिछले पांच दिनों से दो होटलों के भवनों को हटाने को लेकर गतिरोध चल रहा था। इनमें एक होटल का भवन पांच मंजिला और दूसरे का छह मंजिला है। ये दोनों होटल लगातार झुक रहे हैं, जिन्हें आसपास के भवनों के लिए खतरा मानते हुए प्रशासन ने असुरक्षित श्रेणी में रखा है।

विज्ञानियों ने भी इन्हें ध्वस्त करने का सुझाव दिया था। इसमें गतिरोध इसलिए था, क्योंकि होटल स्वामी व अन्य होटल ध्वस्त करने से पहले मुआवजा की दरों को तय करने की मांग कर रहे थे। गुरुवार को इनमें दरारों के साथ ही झुकाव भी बढऩे लगा था। सुबह इस संबंध में वार्ता शुरू हुई और इसके बाद होटल स्वामियों ने इन्हें ध्वस्त करने को सहमति प्रदान कर दी।

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