हरिद्वार। रुड़की गोलीकांड में पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ दर्ज मुकदमे में धाराएं परिवर्तित किए जाने के विवेचक के प्रार्थना पत्र को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने खारिज कर दिया है।
न्यायालय ने अग्रिम विवेचना सीओ स्तर के अधिकारी से कराई जाने के आदेश भी एसएसपी को दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने जेल में बंद चैंपियन सहित अन्य आरोपितों की न्यायिक हिरासत की अवधि 20 फरवरी तक बढ़ा दी है।

खानपुर विधायक उमेश कुमार के सरकारी आवास पर की थी फायरिंग

26 जनवरी 2025 को पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह ने रुड़की में अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर विधायक उमेश कुमार के सरकारी आवास पर कई राउंड फायरिंग की थी। मारपीट, गाली-गलौच करते हुए जान से मारने दी थी। इस संबंध में उमेश कुमार की ओर से उनके जनसंपर्क अधिकारी जुबेर काजमी की तहरीर पर पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, अंकित आर्य, मोंटी पवार, कुलदीप व रवि आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

कुंवर प्रणव सिंह व अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया था। आरोपित की जमानत याचिका सत्र न्यायालय में पेश की गई थी। लेकिन बाद सुनवाई से पूर्व ही उनके अधिवक्ता ने जमानत याचिका वापस ले ली थी। जिसके आधार पर सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने जमानत याचिका को निस्तारित कर दिया था।

खारिज कर दिया विवेचक का प्रार्थना पत्र

उधर, मुकदमे के विवेचक एसएसआई धर्मेंद्र राठी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में धाराएं परिवर्तित किए जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर न्यायालय ने शुक्रवार को वादी पक्ष व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने और साक्ष्यों के आधार पर विवेचक के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।

न्यायालय ने विवेचक पर नाराजगी जताते हुए अपने आदेश में तत्काल विवेचना वापस लेकर किसी क्षेत्राधिकारी स्तर के पुलिस अधिकारी से आगे विवेचना कराए जाने के आदेश भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए। इसके साथ ही न्यायालय ने कुंवर प्रणव सहित अन्य आरोपितों की न्यायिक हिरासत 20 फरवरी तक के लिए स्वीकार किया है।

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