नैनीताल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए प्रशासन की ओर से बालिका से दुष्कर्म के आरोपी उस्मान के मकान पर जारी अतिक्रमण नोटिस को रद्द करने का आदेश दिया। कोर्ट ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए प्रशासन को आरोपी से बिना शर्त माफी मांगने का भी निर्देश दिया।

नैनीताल में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी उस्मान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नगर पालिका की ओर से उस्मान व अन्य को अतिक्रमण हटाने के संबंध में दिए गए नोटिस को वापस लेने को कहा है। नगर पालिका ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन न करने पर अपनी गलती स्वीकार की है। उस्मान के अधिवक्ता डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता ने नगर पालिका नैनीताल द्वारा उस्मान को दिए नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि अतिक्रमण हटाने से पूर्व 15 दिन का नोटिस देना होता है। लेकिन नगर पालिका ने केवल तीन दिन का समय दिया जबकि आरोपी जेल में है। इसके अलावा क्षेत्र के कई दर्जन अन्य लोगों को नोटिस हुए हैं।

इस मामले की सुनवाई के लिए मुख्य न्यायधीश जी.नरेंद्र व न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की स्पेशल बेंच बनी थी। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल प्रह्लाद नारायण मीणा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व नैनीताल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रथम व द्वितीय कोर्ट में पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान तीन दिन का समय दिए जाने के नोटिस पर नगर पालिका ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए नोटिस वापस लेने की जानकारी कोर्ट को दी।

हाईकोट ने दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद नैनीताल में हुए विरोध प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताई और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल सहित पुलिस को कड़ी फटकार लगाई । हाईकोर्ट ने ऐसे मामले ने सख्ती से निपटने की सलाह दी है । मामले की अगली सुनवाई की तिथि मंगलवार 6 मई को होगी । उस दिन पुलिस व नगर पालिका को कोर्ट के आदेशों के पालन की रिपोर्ट देनी है ।

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