हल्द्वानी। चार दिन पहले मुखानी थाना क्षेत्र से कार सवारों ने 27 साल के तुषार का अपहरण कर लिया था। पुलिस अपहरणकर्ताओं के पीछे पड़ी तो युवक को पीट-पीटकर अधमरा कर उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में सड़क किनारे फेंक दिया, फिलहाल आरोपी फरार हैं।

तुषार को गंभीर हालत में बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के पीछे 22 लाख रुपये के लेनदेन की बात सामने आ रही है। तुषार के स्वस्थ होने पर पुख्ता जानकारी सामने आएगी।

यह है पूरा मामला
गली नंबर एक तल्ली बमौरी निवासी गिरीश चंद्र लोहनी पीडब्ल्यूडी में संविदा कर्मी हैं। उनका बेटा तुषार फरीदाबाद में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है और इन दिनों वह घर पर आया था। आठ मई को कार सवारों ने बेटे तुषार का उस वक्त अपहरण कर लिया, जब वह घर से टहलने निकला था।

कार सवारों ने सुबह साढ़े 10 बजे कालाढूंगी रोड स्थित ईएनटी हास्पिटल के पास से तुषार को उठाया था। मुखानी पुलिस ने शिकायत के बाद बांदा उत्तरप्रदेश निवासी कपिल तिवारी और आलोक रंजन तिवारी के विरुद्ध अपहरण की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।

आरोप था कि उनके बेटे को अगवा कर फरीदाबाद ले गए हैं। इसके बाद से आरोपी लगातार उन्हें फोन कर 22 लाख रुपए फिरौती की मांग कर रहे हैं। इस मामले में मुखानी पुलिस ने तुषार की तलाश शुरू कर दी थी।

गिरीश ने वह फोन नंबर भी पुलिस को दिए, जिसके जरिये उन्हें 22 लाख रुपए न देने पर बेटे को जान से मार डालने की धमकी दी जा रही थी। पुलिस ने उक्त नंबरों को सर्विलांस पर लगाया, पता लगा कि आरोपी, तुषार को चित्रकूट ले गए हैं।

इधर, आरोपियों को भी भनक लग चुकी थी कि पुलिस उनकी तलाश में है। खुद को फंसता देख आरोपी, तुषार को चित्रकूट से लेकर निकले बांदा से 37 किमी पहले सड़क पर अधमरा कर छोड़ गए।

थानाध्यक्ष विजय मेहता ने बताया कि तुषार को बरामद कर लिया गया है। घटना को 22 लाख रुपयों के लिए अंजाम दिया गया था। इस घटना में दो नामजद समेत चार आरोपी शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

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