प्रदेश में 203 सड़क बंद हैं। इनमें सबसे अधिक पीएमजीएसवाई की 116, लोनिवि व एनएच की 86, बीआरओ की एक सड़क शामिल है। सबसे अधिक उत्तरकाशी और चमोली जिले में 32-32 मार्ग बंद हैं। इसके अलावा रुद्रप्रयाग 27, पिथौरागढ़ 21 और पौड़ी में 19 मार्ग बंद है। टिहरी 22, देहरादून 13, हरिद्वार एक, अल्मोड़ा 25, बागेश्वर नौ और नैनीताल में दो मार्ग बंद है।

चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिले में कोई भी मार्ग बंद नहीं है। भले ही बीते कुछ दिनों से बारिश से पूरे प्रदेशभर में राहत मिली हो लेकिन बारिश रुकते ही उमस भरी गर्मी भी अपने तेवर खूब दिखा रही है। यह स्थिति सिर्फ मैदानी इलाकों की ही नहीं, बल्कि पर्वतीय इलाकों में भी उमस भरी गर्मी कुछ देर के लिए परेशान कर रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में तेज दौर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि मैदानी इलाकों में गर्जन के साथ बिजली चमकने की संभावना है। आने वाले दिनों की बात करें तो 14 सितंबर तक प्रदेशभर में हल्की बारिश के आसार हैं।

चारधाम यात्रा के मार्ग खुले पर कई स्थानों पर हैं खतरनाक क्षेत्र
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक चारधाम यात्रा मार्ग बंद हो रहे हैं तो इन्हें खोला जा रहा है। गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग खुल चुका है लेकिन इसमें कई स्थानों पर खतरनाक स्थल बने हैं। जहां यात्रा करना खतरनाक हो सकता है। उसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है, जब इसे ठीक कर लिया जाएगा इसके बाद यात्रा शुरू होगी।

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