कैग की रिपोर्ट सदन पटल पर पेश
सदन में रखी कैग की 2017 से 2023 तक स्मार्ट सिटी परियोजना की रिपोर्ट।
नवनियुक्त अग्निवीरों से सीएम ने किया संवाद
सत्र के बाद सीएम धामी राजकीय इंटर कॉलेज भराड़ीसैंण पहुंचे। उन्होंने नवनियुक्त अग्निवीरों से संवाद किया। नवनियुक्त अग्निवीरों को उन्होंने राज्य की उपलब्धियां बताई। उन्होंने अग्निवीरों को संदेश देश रक्षा सर्वोपरि का संदेश दिया।
11 विधेयक सदन में पेश
उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक को सदन में रखा गया
उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक
उत्तराखंड जन विश्वास उपबंधों पर (संशोधन) विधेयक
उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) संशोधन विधेयक
उत्तराखंड माल और सेवाकर (संशोधन) विधेयक
उत्तराखंड उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) (संशोधन) विधेयक
उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक
उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक
समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक
वनाग्नि रोकने के गंभीर प्रयासों से बढ़ी उम्मीदें
प्रदेश में वनाग्नि को रोकने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिन गंभीर प्रयासों को शुरू किया गया है, उनसे सार्थक परिणामों की उम्मीदें बढ़ रही हैं। सरकार ने वन विभाग के माध्यम से एक वर्ष के भीतर ग्रामीणों से पांच करोड़ 42 लाख रूपये का पिरूल खरीदा है। चीड़ के जंगलों में आग लगने के मूल कारण को खत्म करने के लिए ग्रामीणों से वर्ष 2025 में 5532 टन पिरूल खरीदा गया है। इस लक्ष्य को अब बढ़ाकर 8555 टन कर दिया गया है। सरकार की ये ही मंशा है कि पिरुल एकत्रित कर आग की आशंका को न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दिया जाए। वनाग्नि को रोकने के लिए धामी सरकार के प्रयासों में जनजागरूकता पर भी फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1239 जागरूकता कैंप लगाए गए हैं। सबसे अहम काम सरकार ने यह किया है कि ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में फाॅरेस्ट फायर मैनेजमेंट कमेटी गठित की है, जो विभाग के साथ मिलकर जंगल बचाने में जुट रही हैं। इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायत को 30 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। मंगलवार को बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने यह जानकारी साझा कीं।
रोपवे परियोजनाओं पर काम तेज
प्रदेश में विभिन्न तीर्थ स्थलों को रोपवे से जोड़ने की प्रक्रिया गतिमान है। पर्यटन मंत्री ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि विभाग ने कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर के लिए पीपीपी मोड़ में रोपवे का संचालन शुरु कर दिया है। इसके अलावा जनपद चम्पावत में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी रोपवे भी पीपीपी मोड में निर्माणाधीन है। साथ ही जनपद उत्तरकाशी में जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक के लिए भी रोपवे पीपीपी मोड में विकसित किया जा रहा है। साथ ही साथ गौरीकुंड से केदारनाथ धाम, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के लिए भी रोपवे निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है।
सात हजार किमी से अधिक सड़कें गड्डा मुक्त
प्रदेश में लोकनिर्माण विभाग नवंबर के प्रथम सप्ताह तक सात हजार से अधिक किमी सडकों को गड्डा मुक्त कर चुका है। सदन में विभाग की ओर से प्रस्तुत जानकारी के अनुसार प्रदेश की सड़कों को गड्डा मुक्त करने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के क्रम में विभाग ने वर्ष 2025-26 में मानसून काल से पूर्व 3134 किमी लंबी सड़कों को गड्डा मुक्त किया। जबकि मानसून के बाद 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किमी लंबी सड़कों को गड्डा मुक्त किया। इस दौरान अकेले हरिद्वार जनपद में 313 किमी से अधिक लंबी सड़कों को गड्डामुक्त किया गया।
सरकार के चार साल में बने 819 पंचायत भवन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के बीते चार साल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण पुननिर्माण किया गया है। प्रदेश में पंचायत भवनों की संख्या 5867 है। इसमें से 1134 पंचायत भवन लंबे समय से जीर्णशीर्ण चल रहे थे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायतीराज विभाग को अभियान चलाकर जीर्ण- शीर्ण भवनों का पुनर्निमाण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गत चार वर्ष में विभाग ने 819 पंचायत भवनों का निर्माण- पुननिर्माण कर लिया है। शेष भवनों पर भी कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी सदन के सामने रखी।
