रुद्रप्रयाग: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति केदारनाथ यात्रा की तैयारियों में जुट गई है। इसी कड़ी में मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभागों को आगामी 15 अप्रैल तक यात्रा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

इसके लिए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने पैदल यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य त्वरित गति से शुरू करने को भी कहा है। धाम के कपाट आगामी 25 अप्रैल को खोले जाने हैं।

उचित पार्किंग के साथ यातायात प्लान भी तैयार करने को कहा
जिला मुख्यालय सभागार में आयोजित बैठक में मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र ने कहा कि यात्रा शुरू होने से पूर्व उचित पार्किंग के साथ ही यातायात प्लान भी तैयार कर लिया जाए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत का कार्य भी शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को केदारनाथ धाम सहित यात्रा मार्ग पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, साफ-सफाई व शौचालयों की व्यवस्था करने, घोड़ा-खच्चर के लिए गर्म पानी की व्यवस्था करने और यात्रा मार्ग में विद्युत समेत अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए।

इस मौके पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

पैदल यात्रा मार्ग को सुचारू बनाने के लिए उससे बर्फ हटवाने का कार्य सोमवार से शुरू हो जाएगा। यात्रा मार्ग में घोड़ा-खच्चर के साथ किसी तरह की कोई क्रूरता न हो, इस पर नजर रखने के लिए 20 पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है।

बदरीनाथ हाईवे से हिमखंड हटाने में जुटा बीआरओ
बर्फबारी के कारण हनुमान चट्टी से बदरीनाथ के बीच बंद पड़े बदरीनाथ हाईवे को बीआरओ ने कंचनगंगा तक सुचारू कर दिया है। कंचनगंगा हिमखंड को इन दिनों जेसीबी मशीन से काटा जा रहा है। यहां से बदरीनाथ की दूरी मात्र दो किमी है।

बीते दिनों हुई बर्फबारी के बाद बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से बदरीनाथ तक बंद हो गया था, जबकि रड़ांग बैंड में कई हिमखंड खड़े थे। रविवार को बीआरओ की मशीनें रड़ांग बैंड से बर्फ हटाकर कंचनगंगा हिमखंड तक पहुंच गई है। बीआरओ के कमांडर मनीष कपील ने बताया कि कंचनगंगा हिमखंड को हटाने के बाद बदरीनाथ तक आवाजाही सुचारू हो जाएगी।

यात्रा के समय बदरीनाथ हाईवे की होगी निगरानी
बदरीनाथ यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव जोशीमठ में भूधंसाव की समस्या को देखते हुए चिंता बढ़ी है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) भी यात्रा के लिए पुख्ता तैयारी पर जोर दे रहा है।

सूत्रों के अनुसार एनडीएमए की ओर से जोशीमठ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई अंतरिम रिपोर्ट में जोशीमठ में बदरीनाथ हाईवे की निगरानी के लिए तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया है। जोशीमठ में बदरीनाथ हाईवे पर लगभग 12 किलोमीटर तक के क्षेत्र में 15 से अधिक स्थानों पर भूधंसाव हुआ है।

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