सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत उत्तराखंड शासन और वन विभाग के अधिकारी हिम तेंदुओं के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का जानने के लिए लेह लद्दाख जाएंगे। अधिकारियों के एक दल का यह दौरा 26 से 31 अक्तूबर की बीच आयोजित किया जाएगा।

इस दल लेह में स्नो लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर और जेनेटिक लैब का दौरा भी करेगा। लेह लद्दाख में हिम तेंदुओं के संरक्षण की दिशा में बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिन्हें उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारी अपने यहां भी धरातल पर उतारना चाहते हैं। इसी के तहत यह टूर आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान अधिकारियों का दल कैमरा ट्रैपिंग और रेडियो टेलीमेट्री के माध्यम से हिम तेंदुए के अनुसंधान और निगरानी कार्यक्रम का अध्ययन करेगा।

हिम तेंदुओं के संरक्षण में स्थानीय जन समुदाय को भी जोड़ा जा सके
इसके अलावा हिम तेंदुए और अन्य लुप्त प्राय प्रजातियों के आवास और संरक्षण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का अध्ययन किया जाएगा। इस अध्ययन भ्रमण का एक और उद्देश्य संरक्षित क्षेत्रों सहित जैव विविधता से समृद्ध भौगोलिक क्षेत्रों में संरक्षण-आधारित ग्रामीण पर्यटन मॉडल को आगे बढ़ाना भी है, ताकि हिम तेंदुओं के संरक्षण में स्थानीय जन समुदाय को भी जोड़ा जा सके।

लद्दाख में इसके लिए स्थानीय लोगों और होम स्टे मालिकों को प्रशिक्षित किया जाता है कि कैसे वह जैव विविधता का ध्यान रखते हुए सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं नोडल अधिकारी सिक्योर हिमालय परियोजना निशांत वर्मा ने बताया, छह सदस्यीय दल 26 को देहरादून लद्दाख के लिए रवाना होगा। इस दौरान अध्ययन भ्रमण का व्यय हिमालय सिक्योर परियोजना के अंतर्गत यूएनडीपी मद से उठाया जाएगा।

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