शिक्षा विभाग ने जूनियर हाईस्कूलों में 100 छात्र-छात्राओं पर तीन शिक्षकों की तैनाती का मानक तय किया है। वहीं, 100 से अधिक पर एक प्रधानाध्यापक और तीन शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।

शिक्षा निदेशक ने जारी निर्देश में कहा, बच्चों के लिए निशुल्क बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र अध्यापक मानक तय किया गया है। जिसके अनुसार 100 बच्चों पर तीन शिक्षकों की तैनाती होगी। 100 से 105 बच्चों पर एक प्रधानाध्यापक और तीन शिक्षक होंगे। जबकि 105 से अधिक छात्र-छात्राओं पर एक प्रधानाध्यापक एवं 1-35 के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

शिक्षा निदेशक ने कहा, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों की नियुक्ति विज्ञान, विज्ञानेत्तर के आधार पर तय होती है। जिसमें विज्ञान वर्ग में विज्ञान, गणित एवं विज्ञानेत्तर वर्ग में भाषा व सामाजिक अध्ययन से शिक्षक नियुक्ति होते हैं।

यदि किसी विद्यालय में चौथा सहायक अध्यापक भाषा के तहत निर्धारित किया जाता है तो विज्ञान वर्ग के शिक्षकों की अगली पदोन्नति के अवसर कम होंगे। विज्ञानेत्तर वर्ग के शिक्षकों की संख्या अधिक होगी एवं अगली पदोन्नति के लिए पात्रता तय करने में विज्ञान वर्ग के शिक्षकों की संख्या कम होगी। निर्देश में कहा गया है कि आरटीई के अनुसार ही शिक्षकों के पदों को निर्धारित किया जाना उचित होगा।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *