आगामी केदारनाथ धाम की यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने केदार सभा के अध्यक्ष, बीकेटीसी के प्रतिनिधियों तथा हक-हकूकधारियों के साथ केदारनाथ का निरीक्षण किया। धाम में अभी 3 से 4 फीट तक बर्फ है।
बर्फ हटने के बाद धाम में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में धाम क्षेत्र में लगभग 3 से 4 फीट तक बर्फ जमी है जिसे हटाने के लिए संबंधित विभागों की टीमों को लगातार सक्रिय किया जा रहा है। बर्फ हटने के साथ ही धाम में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही यात्रा शुरू होने से पूर्व पेयजल, विद्युत, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं आदि मूलभूत सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पुनर्स्थापित करने के लिए लगातार टीमें भेजी जाएंगी।
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि वर्तमान में केदारनाथ धाम में पुलिस के 3 तथा आईटीबीपी के 12 जवान तैनात हैं जो सुरक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से बनाए हुए हैं।
सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं के आवागमन, ठहरने एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
भले मार्च के शुरुआती दो सप्ताह में गर्मी ने अपने तेवर दिखाए। तीसरे सप्ताह में हुई बेमौसम बारिश और बर्फबारी का असर मार्च के आखिरी दिनों तक दिख रहा है। यही वजह रही कि मार्च का चौथा सप्ताह बीते दस वर्षों में सबसे ठंडा रहा।
आंकड़ों पर नजर डाले तो बीते कुछ दिनों से मैदानी इलाकों का तापमान सामान्य के आसपास रहा जबकि पर्वतीय इलाकों में पारा सामान्य के नीचे रहा। जिसके चलते पहाड़ों में ठंड का अहसास हुआ। आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च के पहले सप्ताह में मैदान से पहाड़ तक पारा खूब चढ़ा।
