ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मध्यमेश्वर धाम के कपाट गुरुवार सुबह 11 बजे विधि-विधान से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए।
भगवान मध्यमेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली बुधवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं के जयकारों, महिलाओं के मंगल गीतों व लोकवाद्यों की मधुर लहरियों के बीच रात्रि प्रवास के लिए अंतिम पड़ाव गौंडार गांव पहुंच गई थी।
गुरुवार को भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली गौंडार से बनातोली, खटारा, नानौ, मैखम्भा व कूनचट्टी होते हुए मध्यमेश्वर धाम पहुंची। इसके बाद तय लग्न पर धाम के कपाट खोल दिए गए। यात्रियों की बढ़ती आवाजाही से मध्यमेश्वर घाटी के यात्रा पड़ावों पर रौनक लौटने लगी है।
